Rajasthan Panchayat Chunav 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की दिशा में है। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए आरक्षण लॉटरी की नई तारीख तय कर दी गई है। अब 23 और 24 सितंबर 2026 को अलग-अलग स्तर पर आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद यह तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी कि किस क्षेत्र की कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी।
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी नए कार्यक्रम के अनुसार 23 सितंबर को जिला मुख्यालय स्तर पर तथा 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की नजर अब इन दोनों तारीखों पर टिक गई है।
23 सितंबर को किन पदों की आरक्षण लॉटरी होगी?
23 सितंबर 2026 को जिला मुख्यालयों पर आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इस दिन मुख्य रूप से जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
इसका मतलब है कि पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए 23 सितंबर महत्वपूर्ण तारीख रहने वाली है।
आरक्षण की श्रेणी सामने आने के बाद संभावित उम्मीदवार अपनी सीट के अनुसार चुनावी तैयारी को अंतिम रूप दे सकेंगे।
24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच की सीटें तय होंगी
इसके अगले दिन यानी 24 सितंबर 2026 को उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।
गांवों में सबसे ज्यादा इंतजार इसी प्रक्रिया का किया जा रहा है, क्योंकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव सीधे ग्रामीण मतदाताओं से जुड़े होते हैं। आरक्षण तय होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित ग्राम पंचायत की सीट सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य निर्धारित आरक्षित श्रेणी में आती है।
इसलिए 24 सितंबर के बाद कई ग्राम पंचायतों में संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर भी बदल सकती है।
पहले 17 और 18 सितंबर को होनी थी लॉटरी
आरक्षण लॉटरी का कार्यक्रम इससे पहले 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित था। 17 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए तथा 18 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंचों के लिए आरक्षण तय किया जाना था।
लेकिन शहरी निकाय चुनाव की चल रही प्रक्रिया के कारण इस कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया। अब पंचायती राज विभाग ने संशोधित कार्यक्रम के तहत 23 और 24 सितंबर की तारीख तय की है।
इससे पहले भी पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी का कार्यक्रम बदला जा चुका है। लगातार तारीखों में बदलाव के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों को आरक्षण की अंतिम तस्वीर का इंतजार था।
आरक्षण लॉटरी के बाद क्या बदलेगा?
आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की सीटों को लेकर स्थिति काफी स्पष्ट हो जाएगी। अभी कई संभावित उम्मीदवार अपनी पंचायत और क्षेत्र की सीट के आरक्षण को लेकर असमंजस में हैं।
मसलन, यदि किसी ग्राम पंचायत की सरपंच सीट महिला या किसी आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित होती है तो उस सीट से दूसरे वर्ग के संभावित उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। वहीं सामान्य सीट आने पर अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए चुनाव लड़ने का रास्ता खुला रहेगा।
इसी वजह से लॉटरी के बाद गांवों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
जिला प्रमुख का आरक्षण पहले ही हो चुका है
पंचायती राज विभाग के अनुसार जिला परिषद के जिला प्रमुख पदों के आरक्षण का निर्धारण 13 अगस्त 2026 को ही पूरा किया जा चुका है।
अब 23 और 24 सितंबर को होने वाली प्रक्रिया में बाकी प्रमुख पदों और ग्रामीण क्षेत्रों की आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाना है।
इसलिए पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सितंबर का अंतिम सप्ताह काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंचायत चुनाव कब होंगे?
अभी पंचायत चुनाव की मतदान तारीखों का अंतिम कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित किया जाना बाकी है। आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हाल की रिपोर्टों के अनुसार आरक्षण लॉटरी के बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर भी जल्द स्थिति साफ हो सकती है, लेकिन जब तक राज्य निर्वाचन आयोग आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं करता, तब तक मतदान की तारीख को पक्की नहीं माना जाना चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा करने की समयसीमा का उल्लेख किया गया है। यह समयसीमा राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों के संदर्भ में बताई गई है।
डेढ़ लाख से ज्यादा पदों पर चुनाव
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों में बड़ी संख्या में पदों पर चुनाव होना है। रिपोर्टों के अनुसार इनमें जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, प्रधान, सरपंच और वार्ड पंच के पद शामिल हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक जिला परिषद के करीब 1,403 सदस्य, पंचायत समिति प्रधान की 457 सीटें, पंचायत समिति सदस्यों के 8,245 पद, सरपंच के 14,403 पद और वार्ड पंच के 1,30,589 पद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हैं।
हालांकि अलग-अलग चरणों और अंतिम अधिसूचनाओं के अनुसार विवरण में बदलाव संभव है, इसलिए उम्मीदवारों को अंतिम चुनाव कार्यक्रम के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना देखनी चाहिए।
गांवों में अब किस बात का इंतजार?
23 और 24 सितंबर की आरक्षण लॉटरी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित हुई है।
कई संभावित उम्मीदवार पिछले काफी समय से अपने क्षेत्र की सीट का आरक्षण जानने का इंतजार कर रहे हैं। आरक्षण सामने आने के बाद ही उम्मीदवार अपनी चुनावी तैयारी को लेकर अंतिम निर्णय ले सकेंगे।
वहीं जिन सीटों पर आरक्षण की श्रेणी बदलती है, वहां नए उम्मीदवारों के सामने आने की संभावना रहेगी।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
- 13 अगस्त 2026: जिला प्रमुख पदों का आरक्षण निर्धारण पूरा
- 23 सितंबर 2026: जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आरक्षण लॉटरी
- 24 सितंबर 2026: सरपंच और वार्ड पंचों के लिए आरक्षण लॉटरी
- 15 नवंबर 2026: पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की निर्धारित समयसीमा
- चुनाव मतदान की तारीख: राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार